आशा फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट

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शैक्षणिक संस्थान

एक ऐसी स्वैच्छिक संस्था जो माता-पिता के स्नेह से वंचित लड़कियों की शिक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है।
बचपन से ही शैक्षणिक, मानसिक, शारीरिक और सामाजिक सहायता प्रदान कर उन्हें अवसरों के द्वार खोलती है और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा देती है।

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शिक्षित बालिकाएँ

“महिलाओं को शिक्षित कर हम पीढ़ियों को शिक्षित करते हैं और एक न्यायपूर्ण समाज बनाते हैं।”

— क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले

आशा फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के बारे में

भारत की पहली महिला शिक्षिका क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले की जयंती, 3 जनवरी के शुभ दिन पर, 2024 में “आशा फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट” की स्थापना की गई — बालिकाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से।

एक छोटे से गाँव के विद्यालय से शुरू होकर, 2025 तक संस्था ने सातारा ज़िले के 50 से अधिक शिक्षण संस्थानों और 300 से अधिक विद्यालयों में कार्य करते हुए 3,000 से अधिक बालिकाओं को सहायता प्रदान की है।

आशा फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के बारे में

भारत की पहली महिला शिक्षिका क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले की जयंती, 3 जनवरी के शुभ दिन पर, 2024 में “आशा फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट” की स्थापना की गई — बालिकाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से।

एक छोटे से गाँव के विद्यालय से शुरू होकर, 2025 तक संस्था ने सातारा ज़िले के 50 से अधिक शिक्षण संस्थानों और 300 से अधिक विद्यालयों में कार्य करते हुए 3,000 से अधिक बालिकाओं को सहायता प्रदान की है।

शिक्षा और सशक्तिकरण के माध्यम से एक आदर्श समाज का निर्माण करना।

आशा छात्रवृत्ति के पात्रता मानदंड

बालिका 5वीं से 10वीं कक्षा तक पढ़ाई कर रही हो

बालिका अनाथ हो (एक या दोनों माता-पिता नहीं)

परिवार गरीबी रेखा के नीचे हो (पीला या नारंगी राशन कार्ड)

आशा छात्रवृत्ति के पात्रता मानदंड

बालिका 5वीं से 10वीं कक्षा तक पढ़ाई कर रही हो

बालिका अनाथ हो (एक या दोनों माता-पिता नहीं)

परिवार गरीबी रेखा के नीचे हो (पीला या नारंगी राशन कार्ड)

हमारे उपक्रम

Our Initiatives through Aashaa Foundation Charitable Trust

1.	शैक्षणिक सहायता

1. शैक्षणिक सहायता

2. मानसिक स्वास्थ्य सहायता

2. मानसिक स्वास्थ्य सहायता

3. शारीरिक स्वास्थ्य सहायता

3. शारीरिक स्वास्थ्य सहायता

4. कौशल विकास सहायता

4. कौशल विकास सहायता

5. करियर विकास सहायता

5. करियर विकास सहायता

6. माता–पिता और बालिका के संबंध मजबूत करना

6. माता–पिता और बालिका के संबंध मजबूत करना

हमसे जुड़ें

हमसे जुड़ें

हमारे संस्थापक

श्री दत्तात्रय जगताप – प्रथम सेवक

सातारा ज़िले के लोणंद गाँव में जन्मे श्री दत्तात्रय जगताप ने बचपन से ही शिक्षा को प्राथमिकता दी।
कम आयु में माता-पिता को खोने के बाद दादी और मासी ने उनका पालन-पोषण किया।
कई कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने दृढ़ निश्चय से एमबीए की शिक्षा पूरी की।

श्रीमती रूपाली जगताप

श्रीमती रूपाली जगताप, श्री दत्तात्रय जगताप की धर्मपत्नी, परिवार का सशक्त आधार रही हैं।
उन्होंने गृहस्थ और व्यवसायिक जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए परिवार में स्थिरता और संतुलन बनाए रखा।

श्री. दत्तात्रय जगताप

श्री. दत्तात्रय जगताप यांचा जन्म सातारा जिल्ह्यातील लोणंद येथील. लहानपणापासून शिक्षणाला प्राधान्य देऊन शालेय शिक्षण गावांमध्ये पूर्ण करून उच्च शिक्षणासाठी पुण्यामध्ये आले. लहानपणीच आई-वडिलांचे छत्र हरवल्यामुळे त्यांचा सांभाळ आजी व मावशी ने केला अनेक अडचणींना सामोरे जात खडतर प्रवासातून मोठ्या जिद्दीने त्यांनी एमबीए शिक्षण पूर्ण केले.

सौ. रूपाली जगताप

सौ. रूपाली जगताप यांचा विवाह श्री. दत्तात्रय जगताप यांच्याशी झाला. आयुष्यातील अर्धांगिनी होऊन त्यांनी घरची जबाबदारी उत्तमरीत्या पार पाडली. व्यवसायात येणाऱ्या अनेक अडचणीवर मात करत असताना सौ. रूपाली जगताप यांनी घर गाडा व्यवस्थित हाकला. घरात कोणतीही अडचण येणार नाही याची संपूर्ण काळजी घेतली.  त्या स्वतः प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्षरित्या व्यवसायात ही कार्यरत असून

हमारे संस्थापक
Founder 1
श्री दत्तात्रय जगताप – प्रथम सेवक
सातारा जिले के लोणंद गाँव में जन्मे श्री दत्तात्रय जगताप ने बचपन से ही शिक्षा को प्राथमिकता दी। कम आयु में माता-पिता को खो देने के बाद उनका पालन-पोषण दादी और मासी ने किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने दृढ़ निश्चय, मेहनत और साहस के बल पर एमबीए की शिक्षा पूरी की।
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Founder 2
श्रीमती रूपाली जगताप
श्रीमती रूपाली जगताप, श्री दत्तात्रय जगताप की धर्मपत्नी, परिवार का सशक्त आधार रही हैं। उन्होंने गृहस्थ और व्यवसायिक जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए परिवार में स्थिरता और संतुलन बनाए रखा, जिससे फाउंडेशन का मिशन मजबूत नींव पर आगे बढ़ सका।
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Founder 1
श्री. दत्तात्रय जगताप
श्री. दत्तात्रय जगताप यांचा जन्म सातारा जिल्ह्यातील लोणंद येथील. लहानपणापासून शिक्षणाला प्राधान्य देऊन शालेय शिक्षण गावांमध्ये पूर्ण करून उच्च शिक्षणासाठी पुण्यामध्ये आले. लहानपणीच आई-वडिलांचे छत्र हरवल्यामुळे त्यांचा सांभाळ आजी व मावशी ने केला. अनेक अडचणींना सामोरे जात खडतर प्रवासातून मोठ्या जिद्दीने त्यांनी एमबीए शिक्षण पूर्ण केले.
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Founder 2
सौ. रूपाली जगताप
सौ. रूपाली जगताप यांचा विवाह श्री. दत्तात्रय जगताप यांच्याशी झाला. आयुष्यातील अर्धांगिनी होऊन त्यांनी घरची जबाबदारी उत्तमरीत्या पार पाडली. व्यवसायात येणाऱ्या अनेक अडचणीवर मात करत असताना सौ. रूपाली जगताप यांनी घरगाडा व्यवस्थित हाकला. त्या स्वतः प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रित्या व्यवसायात कार्यरत आहेत.
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